ड्रग्स लेने के आरोप में बैन झेल चुके हैं ये 5 क्रिकेटर, आखिरी नाम देखकर नहीं होगा यकीन

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स्पोर्ट्स डेस्क, जयपुर।। क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसी घटनाएं हुई है जब खिलाड़ियों को किसी ना किसी कारण से मैदान से दूरी बनानी पड़ी हो। कई बार कुछ खिलाड़ियों को फिटनेस की समस्या होती है तो कई बार किसी अवैध कारण से उनके ऊपर बैन लगा है। क्रिकेट के मैदान से कई बार ऐसी खबरें आई है कि मैच में सट्टेबाजी या फिर पैसे लेकर मैच फिक्स करने पर भी खिलाड़ियों पर गाज गिरी है और कई बार ज्यादा ऊर्जा प्राप्त करने के लिए कई खिलाड़ियों ने ड्रग्स का भी सेवन किया है। इसका खामियाजा इन खिलाड़ियों को क्रिकेट से दूरी बनाकर चुकाना पड़ा।

ऐसे में आइये आज जानते है ऐसे पांच नामी क्रिकेटरों के नाम जिन्हें ड्रग्स सेवन के कारण बैन झेलना पड़ा है।

शेन वार्न ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न अपने पूरे क्रिकेट करियर के दौरान किसी ना किसी कारण से सुर्खियों में रहे हैं लेकिन साल 2003 में उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसके कारण इन्हें एक साल तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहना पड़ा।  साउथ अफ्रीका में हुए 2003 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के पहले मैच की शाम को वार्न का ड्रग टेस्ट हुआ जिसमें इन्हें पॉजिटिव पाया गया। ऐसा करते ही वार्न को वापस ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया और इस दिग्गज गेंदबाज के ऊपर 12 महीने तक का बैन लगा फिर जाकर साल 2004 में उन्हें वापस टीम में दाखिला मिला। वार्न ने इसके बाद 4 साल तक क्रिकेट खेला और साल 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

शोएब अख्तर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अपनी तेज तर्रार गेंदबाजी के लिए पूरे क्रिकेट वर्ल्ड में मशहूर थे। कई लोगों का ऐसा मानना था कि अख्तर नशीली दवाइयों का सेवन करते है जिसके कारण इन्हें तेजी में गेंदबाजी करने की ताकत मिलती है। 2006 की चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अख्तर का मेडिकल टेस्ट हुआ जिसमें उन्हें ड्रग का सेवन करते हुए पाया गया। 16 अक्टूबर 2006 को पाकिस्तान के पहले मैच के एक दिन पहले यह खबर आई कि अख्तर के खून में ड्रग्स पाया गया है। इसके बाद अख्तर को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से 3 साल के लिए बैन किया गया था।

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स्टीफन फ्लेमिंग न्यूजीलैंड के सबसे कामयाब कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग भी ड्रग्स की चपेट के कारण क्रिकेट से दूर रहे हैं। साल 1993 में स्टीफन फ्लेमिंग को उनके कुछ साथी क्रिकेटरों के साथ ड्रग्स का सेवन करते हुए देखा गया। इस हरकत के लिए फ्लेमिंग पर 175 $ का फाइन लगा। बाद में फ्लेमिंग के उपर उनके साथी खिलाड़ी डियोन नाश और मैथ्यू हार्ट के साथ 3 मैचों का बैन लगा।

 उपुल थरंगा 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान थरंपा प्रतिबंधित दवाएं लेते हुए पाया गया था। इस बल्लेबाज ने माना था कि उन्होंने कंधे की चोट के दर्द से निजात पाने के लिए कुछ हर्बल दवाइयों का सेवन किया था। एंटी डोपिंग ट्रिब्यूनल ने माना था कि थरंगा ने अपना प्रदर्शन बढ़ाने के लिए दवाएं नहीं ली थीं। लेकिन उन पर तीन महीने का बैन लगाया गया था।

प्रदीप सांगवान 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सबका दिल जीता। बाद में उन्होंने 38 फर्स्ट-क्लास मैचों में 123 विकेट चटकाए है। साल 2013 में सांगवान को बीसीसीआई की एंटी-डोपिंग कमिटी के तरफ से ड्रग्स का सेवन करते हुए पाया गया और इनके ऊपर 18 महीने का बैन लगा। सांगवान का यह बैन 5 नवंबर, 2014 को खत्म हुआ। 

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