शिखर धवन की पत्नी आयशा को इस बात का लगता था डर, आयशा ने खुद तलाक के पीछे की सच्चाई बताई

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स्पोर्टस डेस्क, जयपुर।। भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर शिखर धवन के तलाक की बातें सामने आ रही हैं। मीडिया में खबरें हैं कि धवन और उनकी पत्नी आयशा मुखर्जी के बीच तलाक हो गया है। इंस्टाग्राम पर आयशा के नाम से बने अकाउंट पर एक लंबा चौड़ा नोट लिखा गया है, जिसमें उनके और धवन के बीच हुए तलाक की घोषणा की गई है। इसमें बताया गया है कि एक बार तलाक होना ही बुरा होता है लेकिन मेरा दूसरी बार तलाक हो गया है पहली बार मैं तलाक से जब गुजरी तो मुझे बहुत ही डरा हुआ और खराब महसूस हुआ। मुझे ऐसा लगा था कि जैसे मैं फेल हो गई और उस वक्त मैं कुछ गलत कर रही थी। मुझे लगता था तलाक एक बहुत ही गंदा शब्द है जबतक की मैं दो बार तलाक नहीं झेल चुकी थी।

आयशा ने लिखा कि ‘अब जरा सोचिए, मुझे दूसरी बार इस रास्ते से गुजरना होगा। वाओ।।।ये बड़ा डरावना है। पहली बार तलाक के अनुभव से मुझे महसूस हुआ कि दूसरी बार में भी मेरा बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। मेरे पास साबित करने के लिए और भी बहुत कुछ था।  आयशा ने लिखा, "हास्यास्पद है ना कि शब्दों के कितने शक्तिशाली अर्थ और जुड़ाव होते हैं। पहली बार जब तलाकशुदा हुई थी, तो इस बात का अनुभव किया था। जब पहली बार मेरा तलाक हुआ था तो मैं बहुत डरी हुई थी और तबाह हो गई थी। मुझे लग रहा था कि मैं नाकामयाब हो गई और तब मैं गलत कर रही थी।"

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"मुझे लग रहा था कि मैंने सबको नीचा दिखाया है और मतलबी महसूस करने लगी थी। पहली बार तलाक के बाद मुझे लगता था कि मैंने अपने माता-पिता और बच्चों को निराश किया है। मुझे तो यहां तक लगने लगा था कि मैंने भगवान को भी नीचा दिखा रही हूं। लगता था तलाक वाकई बहुत गंदा शब्द है।" "अब आप कल्पना कर सकते हैं कि मुझे इससे दूसरी बार गुजरना पड़ रहा है। आह... ये भयावह है। पहली बार तलाक होने के बाद मुझे लगता है कि दूसरी बार में कुछ ज्यादा ही दांव पर लगा है। मुझे और ज्यादा साबित करना है। अब मेरी दूसरी शादी भी टूट गई है तो ये काफी डराने वाला है। पहली बार के तलाक में जिस तरह के अहसास थे, वो सब एक बार फिर लौट रहे हैं। डर, नाकामी और निराशा को 100 से गुणा कर दीजिए। इसके मेरे लिए क्या मायने हैं? ये मुझे और शादी से मेरे रिश्ते को किस तरह से परिभाषित करेगा?"

"अभी जो हुआ है, उसकी जरूरी प्रक्रियाएं हो जाने के बाद और इन भावनाओं से गुजरने के बाद जब मैं बैठने की स्थिति में हो जाऊंगी तो मैं देखूंगी कि मैं ठीक थी। मैं वाकई शानदार काम कर रही थी और यह भी देखूंगी कि मेरा डर पूरी तरह से गायब हो गया है। गौर करने वाली बात ये है कि मैं वास्तव में ज्यादा ताकतवर महसूस कर रही हूं। मैंने अपने भय को पहचाना और तलाक शब्द के जो मायने मैंने दिए हैं, वो मेरी करनी थी।" "तो, जब मैंने ये अहसास कर लिया तो मैंने इस शब्द और तलाक के अनुभव को उस तरह से दोबारा परिभाषित करना शुरू किया, जैसे मैंने इसे देखा और इसका अनुभव किया।"

"मेरे लिए तलाक का मतलब खुद को चुनना है। शादी बचाने की खातिर समझौता और अपनी जिंदगी का बलिदान नहीं करना है।" "तलाक का मतलब भले ही आप सर्वश्रेष्ठ कर रहे हों और अपनी बेस्ट चीजें करने की कोशिश कर रहे हों पर कभी-कभी ये काम नहीं करता है। खैर ठीक है।" ‘ऐसा होने के बाद आप अपनी जिंदगी में नए रिश्तों को आने की अनुमति देते हैं। जिंदगी में नए दोस्तों को जगह देते हैं। कुछ पुराने रिश्ते और भी ज्यादा गहरे होते हैं। नए लोग दिखाई देंगे और मिलेंगे। अपने आप से एक गहरा जुड़ाव महसूस होने लगेगा।’

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