5 क्रिकेटर जिन पर ड्रग्स के कारण लगा बैन, लिस्ट में एक भारतीय भी शामिल

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स्पोर्ट्स डेस्क, जयपुर।। क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहा जाता है। लेकिन कई बार एेसे मामले सामने आए हैं, जब खिलाड़ियों ने इस खेल को शर्मसार कर दिया। कई खिलाड़ियों पर प्रतिबंधित ड्रग्स लेने के कारण बैन लगाया जा चुका है। इसे डोपिंग में पॉजिटिव पाया जाना भी कहते हैं। डोपिंग का मतलब है ताकत बढ़ाने वाला वह पदार्थ जिसे खाने से किसी भी खिलाड़ी का स्टैमिना एकदम से बढ़ जाए। इस शॉर्टकट के जरिए वह खेल के मैदान में अपने विरोधी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ सकता है। हर साल खिलाड़ी जब भी किसी बड़े इवेंट में हिस्सा लेते हैं, उससे पहले उनका डोप टेस्ट होता है। रियो ओलिंपिक के दौरान भारतीय पहलवान नरसिंह यादव डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें ओलिंपिक में भाग नहीं लेने दिया गया था। आइए आपको बताते हैं उन क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे में जिन पर ड्रग्स लेने के कारण बैन लगा दिया गया था।

मोहम्मद आसिफ: पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के तेज गेंदबाजों में से एक मोहम्मद आसिफ को साल 2006 में ही शोएब अख्तर के साथ ड्रग्स लेने के लिए बतौर संदिग्ध पाया गया था। बाद में आसिफ पर एक साल का बैन लगा। साल 2008 में एक बार फिर आसिफ को दुबई के एयरपोर्ट पर पर्स में ड्रग्स के साथ पाया गया था।  प्रदीप सांगवान: प्रतिभावान गेंदबाज प्रदीप सांगवान साल 2013 में बीसीसीआई के एंटी डोपिंग कोड के नियम को तोड़ने के आरोप में निशाने पर आ गए थे। उनके शरीर में प्रतिबंधित  पाया गया था, जिसके बाद उन पर 18 महीने का बैन लगा दिया गया था। यह नवंबर 2014 को खत्म हुआ। केकेआर के इस गेंदबाज ने कहा कि उनके जिम इंस्ट्रक्टर ने वजन घटाने की गोली कहकर उन्हें यह दिया था और उन्हें नहीं मालूम था कि यह स्टेरॉइड है।

प्रदीप सांगवान: प्रतिभावान गेंदबाज प्रदीप सांगवान साल 2013 में बीसीसीआई के एंटी डोपिंग कोड के नियम को तोड़ने के आरोप में निशाने पर आ गए थे। उनके शरीर में प्रतिबंधित anabolic steroid stanozolol पाया गया था, जिसके बाद उन पर 18 महीने का बैन लगा दिया गया था। यह नवंबर 2014 को खत्म हुआ। केकेआर के इस गेंदबाज ने कहा कि उनके जिम इंस्ट्रक्टर ने वजन घटाने की गोली कहकर उन्हें यह दिया था और उन्हें नहीं मालूम था कि यह स्टेरॉइड है।

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शेन वॉर्न: जब शेन वॉर्न का नाम डोपिंग में आया था तो क्रिकेट जगत में तूफान मच गया था। वॉर्न को भले ही उनकी विकेट लेने की क्षमता के लिए जाना जाता हो, लेकिन वह अॉस्ट्रेलियाई क्रिकेट के बैड बॉय भी रहे हैं। 2003 वर्ल्ड कप में अॉस्ट्रेलिया के पहले मैच की पूर्व संध्या पर वॉर्न का डोप टेस्ट हुआ था, जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए थे। उन पर 12 महीनों के लिए बैन लगा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने 2004 में वापसी की थी।

शोएब अख्तर: दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक अख्तर अक्टूबर 2006 में खेली गई चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के ओपनिंग मैच से एक दिन पहले डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद पीसीबी ने तीन सदस्ययी कमिटी बनाई थी, जिसने बाद उन पर 2 साल का बैन लगा दिया गया था। पैनल के सदस्य शाहिद हामिद ने कहा था, अख्तर के मुताबिक उन्होंने बीफ, चिकन मीट समेत काफी हाई प्रोटीन डाइट ली है। उन्होंने यह भी बताया था कि उन्होंने किसी हकीम से दवाइयां भी ली थीं, लेकिन वह इसे साबित नहीं कर पाए।

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स्टीफन फ्लेमिंग: न्यू जीलैंड के सबसे सफल कप्तान का नाम इस सूची में होना हैरानी की बात है। हालांकि उन्हें प्रदर्शन को बढ़ाने वाली दवाइयां लेने का दोषी नहीं पाया गया था। न्यूजीलैंड के कुछ खिलाड़ियों के साथ उन पर स्मोकिंग करने का आरोप लगा था। यह घटना 1993-94 की है। डियोन नैश, मैथ्यू हार्ट और फ्लेमिंग पर 175 डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन उन्होंने खुद माना था कि उन्होंने 10 हजार रुपये लीगल फीस के तौर पर चुकाने पड़े और स्पॉन्सरशिप भी छिन गई। इन तीनों को 3 मैचों के लिए बैन भी कर दिया गया था।

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